गांवों में जागरुकता का अभाव और कई लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते वह ऑपरेशन नहीं करा पाते हैं। इसके चलते कई लोगों की आंखें भी चली गई हैं. इन सभी में मोतियाबिंद के मरीजों का चिह्निकरण शुरू होगा।
Rukka and Angara गांव के रहने वाले ऐसे जरूरतमंद (111 Nos.) को आवश्यक चिकित्सकीय जांच सुविधा एवं मोतियाबिंद की शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराई